भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

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146 मुकुन्दमाला प्रश्न : अटुलैन goप्पवाडुग नुन्नाडु. कुल : दामोदरु डतडु. घनुडैननु सौलभ्यमुन्नदि. तल्लियगु यशोद तन्नु कट्टबोवगा कट्टु वडक, आमे श्रमनु जूचि कट्टुवडिनवाडु. तिरुप्पावु 5पाशुरमुन चेप्पबडेनु. अतडु माधवुडु-लक्ष्मी नाथुडु. भाग्यमु नोसगुनु. लक्ष्मीदेवि पुरुषकारमु चेयुनु. माधव डनिन यादवु डनि यर्थमु. यादवु डयि लीलाविभूतिकि विच्चेसेनु. माधव अनगा इंतकंटे goप्पवाडु लेडनि यर्थमु. ई रीति भगवंतुनि कल्याणगुणमुलनु देल्पुनट्टि नाममुलनु सामर्थ्य मुंडियु नोक्कडैननु चेप्पकुंडुट आश्चर्यमु. 38 ध्यायन्ति ये विष्णु मनन्त मव्ययं हृत्पद्ममध्ये सततं व्यवस्थितम्, समाहितानां सतताभयप्रदं ते यान्ति सिद्धिं परमां च वैष्णवीम्. ये=एवरु, अनंतं=तुदलेनिवाडुनु, अव्ययं=नाशरहितु डुनु, सततं=एल्लप्पुडु, हृत्पद्ममध्ये=योगुलयोक्क मनस्सनेडु कमलमुयोक्क मध्यमुनंदु, व्यवस्थितं=चक्कग उन्न वाडुनु, समा हितानां=तनयंदु एकाग्रचित्तुलयिन वारिकि, सतताभयप्रदं=एल्ल प्पुडु अभयमु निच्चुवाडूनगु, विष्णुं=विष्णुवुनु, ध्यायन्ति= ध्यानमु चेयुचुन्नारो, ते=वारु, परमां=उत्तममैन, वैष्णवीं=विष्णु संबंधियगु, सिद्धिं=मोक्षमुनु. (परमपदमुनु), यान्ति=पोंदु चुन्नारु.