भारतकोश
मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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५६ मुकुन्दमाला तेलिविलेनिवारु नित्यण्डु, सर्वोत्तमुडु नगु नी परत्वरूपमु नेऱुगरु. इपुडु पुट्टुट चेतने नीकु जन्ममु कलिगिन दनुकोन्दुरु. शरीरमुनु गमनिञ्चु तेलिविलेनिवा रिट्लु तलचेदरु गानि निन्नु बागुग नेऱिगि युण्डुवारिकि नी शरीरमुतो पनियेमि? नी कृष्ण रूपमुनु दर्शिञ्चि महर्षुलु निन्नु सेविञ्चुचुन्नारु गदा! नारदुडु तऱुचग वच्चि सेविञ्चिपोवुचुण्डलेदा? इन्द्रुडु कामधेनुवुतोड वच्चि दानि क्षीरमुतो नी कभिषेकमु चेसि प्रार्थिञ्चि पोलेदा? परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे. -- गीत. ४.८ प्रतियुगमुनन्दुनु दुष्टशिक्षणमु, शिष्टपरिपालनमु चेसि धर्म मुनु स्थापिञ्चुटकु अवतरिञ्चेदननि चेप्पिनट्टिवाडवु गदा! नेनु नी विषयमयि कोन्नि गुऱुतुलु कनिपेट्टियुन्नानु. भक्तुलु निर्भय मुगवच्चि आश्रयिञ्चुटकु ई रूपमुनु धरिञ्चितिवि ("परात्परं नारदादि मुनिबृन्दवन्दितम्" अनि परात्परमुनकु प्रक्क नारदादि मुनिबृन्दवन्दितमनि चेप्पुटचेत स्वामियोक्क परात्परत्वमुनकु नार दादुलु साक्षुलनि तेलियुचुन्नदि. एटुलन, श्रीकृष्णमूर्ति आवुलनु मेपुचुण्डिनपुडु नारदादुलु वच्चि नमस्करिञ्चुचुण्डिरि. स्वामि परात्परुडु काडेनि वारिट्लु नमस्करिञ्चियुन्दुरा?). ९ करचरणसरोजे कान्तिमन्नेत्रमीने श्रममुषि भुजवीचिव्याकु लेऽगाधमार्गे, हरिसरसि विगाह्यापीय तेजोजलौघं भवमरुपरिभिन्नः खेद मद्य त्यजामि.