भारतकोश
नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

Nagananda Nataka of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

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पृष्ठ 293

( २७० ) द्वितीय अंक:- ८. कुसुमायुध=कामदेव । फूल ही जिस के हथियार हैं । कहते हैं कामदेव फूलों के तीरों का प्रयोग करता है । पांच प्रकार के पुष्प उसके बाण बताये हैं— अरविन्द, अशोक, आम्र पुष्प नवमल्लिका तथा नीलोत्पल । ९. गान्धर्व विवाह=विवाह आठ प्रकार के बताए हैं:— ब्राह्म; दैव; आर्ष; प्राजापत्य; आसुर; गान्धर्व; राक्षस तथा पैशाच । गान्धर्व रूप में विवाह बिना किसी आडम्बर तथा संस्कारों के निश्चित हो जाता हैं । वर तथा वधू ज्यों ही मिलते हैं देखते ही प्रेमासक्त हो जाते हैं और वहीं विवाह बन्धन में बन्धे जाते हैं । तृतीय अंक:- १०. बलदेव=श्री कृष्ण के बड़े भाई । वसुदेव तथा देवकी की सातवीं सन्तान । जब यह गर्भ में थे तो देवकी का गर्भ रोहिणी में डाल दिया गया था ताकि कंस इन्हें न मार सके । श्री कृष्ण तथा बलराम दोनों का पालन पोषण गोकुल में नन्द के घर हुआ था इन को आसव (शराब) का बहुत शौक था और इस के प्रभाव से कई विस्मय जनके कार्य किया करते थे । इन का हथियार प्रायः हल होता था; अतएव इन्हें हलायुध भी कहते हैं । इन का विवाह रेवती के साथ हुआ था । कामदेव=प्रेम के देवता । श्री कृष्ण तथा रुक्मणि के पुत्र । रति पति । वसन्त के घनिष्ट मित्र । अनिरुद्ध के पिता । इन के