भारतकोश
नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

Nagananda Nataka of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished309 पृष्ठ

पृष्ठ 5, कुल 309 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 5

( २ ) ६. अन्त में तीन परिशिष्ट हैं— एक में नाटक में आए पौराणिक, ऐतिहासिक तथा भौगोलिक उल्लेख हैं, दूसरे में नाट्य-कला-सम्बन्धी परिभाषाएँ और तीसरे में प्राकृत के नियम दिए हैं। ७. परन्तु इस संस्करण की ख़ास विशेषता इसका भाषा-अनुवाद है। मौलिक पाठ के प्रत्येक पद का शब्दार्थ देने के साथ साथ इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि जहां तक हो सके अनुवाद मुहावरेदार हो। अनुवाद की भाषा सरल है और जटिल पाठों को पर्याप्त स्पष्ट किया है। इस पुस्तक के लिखने में हमने निम्नलिखित लेखकों तथा पुस्तकों से सहायता ली है:— १. कीथ — 'दी संस्कृत ड्रामा'। २. ऐस०के०डे— संस्कृत साहित्य। ३. जागीरदार— संस्कृत नाटक। ४. आर०के०मुकर्जी — हर्ष । ५. ऐन०जी०सूरू — प्रियदर्शिका। ६. भाण्डे तथा प्रान्जपे— नागानन्द। ७. रामानुज स्वामी — नागानन्द। ८. पं०. बलदेव उपाध्याय — नागानन्दम् नाटकम्। ९. पामर ब्वाइड — नागानन्द का अंग्रेजी में अनुवाद। १०. हेल वर्थम — नागानन्द का अंग्रेज़ी अनुवाद। ११. ए०सी०वूलनर — इन्ट्रोडक्शन टू प्राकृत। हम इन सब लेखकों तथा इन ग्रन्थों के प्रकाशकों के अत्यन्त आभारी हैं।

नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या) · पृष्ठ 5, कुल 309 में से · BharatKosha