संक्षिप्त नारद पुराण

संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished770 पृष्ठ
पृष्ठ 14, कुल 770 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 14
[ १२ ]
| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| १६२- पुष्कर-माहात्म्य | ७४० | १६९- अवन्ती—महाकालवनके तीर्थोंकी महिमा | ७५७ |
| १६३- गौतमाश्रम-माहात्म्यमें गोदावरीके प्राकट्यका तथा पञ्चवटीके माहात्म्यका वर्णन | ७४२ | १७०- मथुराके भिन्न-भिन्न तीर्थोंका माहात्म्य | ७५८ |
| १६४- पुण्डरीकपुरका माहात्म्य, जैमिनिद्वारा भगवान् शङ्करकी स्तुति | ७४३ | १७१- वृन्दावन-क्षेत्रके विभिन्न तीर्थोंके सेवनका माहात्म्य | ७६० |
| १६५- परशुरामजीके द्वारा गोकर्णक्षेत्रका उद्धार तथा उसका माहात्म्य | ७४९ | १७२- पुरोहित वसुका भगवत्कृपासे वृन्दावन-वास, देवर्षि नारदके द्वारा शिव-सुरभि-संवादके रूपमें भावी श्रीकृष्णचरितका वर्णन | ७६३ |
| १६६- श्रीराम-लक्ष्मणका संक्षिप्त चरित्र तथा लक्ष्मणाचलका माहात्म्य | ७५१ | १७३- मोहिनीका सब तीर्थोंमें घूमकर यमुनामें प्रवेशपूर्वक दशमीके अन्तर्भागमें स्थित होना तथा नारदपुराणके पाठ एवं श्रवणकी महिमा | ७६५ |
| १६७- सेतु-क्षेत्रके विभिन्न तीर्थोंकी महिमा | ७५५ | ||
| १६८- नर्मदाके तीर्थोंका दिग्दर्शन तथा उनका माहात्म्य | ७५६ |