संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 517, कुल 770 में से
संदर्भ में पढ़ें- पूर्वभाग-तृतीय पाद * ५१५
सदा, बिना किसी साधनके, स्वतःसिद्ध, ६७४. शिरोमणिः=गोपाङ्गनाओंकी शिरोमणि, ६७५. दिव्यरूपा=दिव्य रूपवाली, ६७६. दिव्यभोगा=दिव्यभोगोंसे सम्पन्न, ६७७. दिव्यवेषा=अलौकिक वेशभूषाओंसे सुशोभित, ६७८. मुदान्विता=सदा आनन्दमग्न रहनेवाली।
६७९. दिव्याङ्गनावृन्दसारा=दिव्य युवतियोंके समुदायकी सार-सर्वस्वरूपा, ६८०. नित्यनूतनयौवना=नित्य नवीन यौवनसे युक्त, ६८१. परब्रह्मावृता=परब्रह्म परमात्मासे आवृत, ६८२. ध्येया=ध्यान करने योग्य, ६८३. महारूपा=परम सुन्दर रूपवाली, ६८४. महोज्ज्वला=परमोज्ज्वल प्रकाशमयी।
६८५. कोटिसूर्यप्रभा=करोड़ों सूर्योंकी प्रभासे उद्भासित, ६८६. कोटिचन्द्रबिम्बाधिकच्छविः=कोटि चन्द्रमण्डलसे अधिक छविवाली, ६८७. कोमलामृतवाक्=कोमल एवं अमृतके समान मधुर वचनवाली, ६८८. आद्या=आदिदेवी, ६८९. वेदाद्या= वेदोंकी आदिकारणस्वरूपा, ६९०. वेददुर्लभा=वेदोंकी भी पहुँचसे परे।
६९१. कृष्णासक्ता=श्रीकृष्णमें अनुरक्त, ६९२. कृष्णभक्ता=श्रीकृष्णके प्रति भक्तिभावसे परिपूर्ण, ६९३. चन्द्रावलिनिषेविता=चन्द्रावली नामकी सखीसे सेवित, ६९४. कलाषोडशसम्पूर्णा=सोलह कलाओंसे पूर्ण, ६९५. कृष्णदेहार्धधारिणी=अपने आधे शरीरमें श्रीकृष्णके स्वरूपको धारण करनेवाली।
६९६. कृष्णबुद्धिः=श्रीकृष्णमें बुद्धिको अर्पित कर देनेवाली, ६९७. कृष्णसारा=श्रीकृष्णको ही जीवनका सारसर्वस्व माननेवाली, ६९८. कृष्णरूपविहारिणी=श्रीकृष्णरूपसे विचरनेवाली, ६९९. कृष्णकान्ता=श्रीकृष्णप्रिया, ७००. कृष्णधना=श्रीकृष्णको ही अपना परम धन माननेवाली, ७०१. कृष्णमोहनकारिणी=अपने अनुपम प्रेमसे श्रीकृष्णको मोहित करनेवाली।
७०२. कृष्णदृष्टिः=एकमात्र श्रीकृष्णपर ही दृष्टि रखनेवाली, ७०३. कृष्णगोत्रा=श्रीकृष्णके गोत्रवाली, ७०४. कृष्णदेवी=श्रीकृष्णकी आराध्यदेवी, ७०५. कुलोद्वहा= कुलमें सर्वश्रेष्ठ, ७०६. सर्वभूतस्थितात्मा=सम्पूर्ण भूतोंमें विद्यमान आत्मस्वरूपा, ७०७. सर्वलोकनमस्कृता=सम्पूर्ण लोकोंद्वारा अभिवन्दित।
७०८. कृष्णदात्री=उपासकोंको श्रीकृष्णकी प्राप्ति करानेवाली, ७०९. प्रेमधात्री=भावुकोंके हृदयमें श्रीकृष्णप्रेमको प्रकट करनेवाली, ७१०. स्वर्णगात्री= सुवर्णके समान गौर शरीरवाली, ७११. मनोरमा=श्रीकृष्णके मनको रमानेवाली, ७१२. नगधात्री=पर्वतोंके अधिष्ठातृ देवताको उत्पन्न करनेवाली, ७१३. यशोदात्री=यश देनेवाली, ७१४. महादेवी=सर्वश्रेष्ठ देवी, ७१५. शुभङ्करी=कल्याण करनेवाली।
७१६. श्रीशेषदेवजननी=लक्ष्मीजी, शेषजी और देवताओंको उत्पन्न करनेवाली, ७१७. अवतारगणप्रसूः=अवतारगणोंको उत्पन्न करनेवाली, ७१८. उत्पलाङ्का=हाथ-पैरोंमें नील कमलके चिह्न धारण करनेवाली, ७१९. अरविन्दाङ्का=कमलके चिह्नसे युक्त, ७२०. प्रासादाङ्का=मन्दिरके चिह्नसे युक्त, ७२१. अद्वितीयका=जिसके समान दूसरी कोई नहीं है ऐसी।
७२२. रथाङ्का=रथके चिह्नसे युक्त, ७२३. कुञ्जराङ्का=हाथीके चिह्नसे युक्त, ७२४. कुण्डलाङ्कपदस्थिता=चरणोंमें कुण्डलके चिह्नसे युक्त, ७२५. छत्राङ्का=छत्रके चिह्नसे युक्त, ७२६. विद्युदङ्का=वज्रके चिह्नसे युक्त, ७२७. पुष्पमालाङ्किता= पुष्पमालाके चिह्नसे युक्त।
७२८. दण्डाङ्का=दण्डके चिह्नसे युक्त, ७२९. मुकुटाङ्का=मुकुटके चिह्नसे युक्त, ७३०. पूर्णचन्द्रा=पूर्णचन्द्रके सदृश शोभासम्पन्न,