नीति शतक (भर्तृहरि - डॉ. राकेश शास्त्री हिन्दी व्याख्या सहित)
Niti Shataka of Bhartrihari Hindi
महाराज भर्तृहरि द्वारा
स्रोत: Neeti Shataka with Sanskrit Shlokas, Anvaya & Hindi Commentary by Dr. Rakesh Shastri (उद्गम)
पृष्ठ 83, कुल 194 में से
संदर्भ में पढ़ेंनीतिशतकम् ६१
राजन् दुधुक्षसि यदि क्षितिधेनुमेतां,
तेनाद्य वत्समिव लोकममुं पुषाण।
तस्मिंश्च सम्यगनिशं परिपोष्यमाणे,
नाना फलं^१ फलति कल्पलतेव भूमिः॥४६॥
अन्वय- (हे) राजन्! यदि (त्वम्) एताम् क्षितिधेनुम् दुधुक्षसि, तेन अमुम् लोकम् अद्य वत्सम् इव पुषाण। तस्मिन् अनिशम् सम्यक् परिपोष्यमाणे (एषा) भूमिः कल्पलता इव नानाफलैः फलति।
अनुवाद- (हे) राजन्, यदि (तुम) इस पृथिवी रूपी गाय को दुहना चाहते हो (तो) उसके लिए इस प्रजा को आज बछड़े के समान पुष्ट करो और उसके निरन्तर ठीक प्रकार परिपुष्ट होने पर (यह) भूमि कल्पलता के समान अनेक फलों को निष्पादित करती है।
व्याख्या- ऐसे राजा को जो सदा ही प्रजा का शोषण करता रहता है, सम्बोधित करते हुए कवि कहता है कि— हे राजन्, यदि तुम इस पृथिवी रूपी गाय से अनेक प्रकार की उपलब्धियाँ प्राप्त करना चाहते हो तो पहले इस प्रजा रूपी बछड़े की ठीक प्रकार सेवा-सुश्रूषा करो, क्योंकि इस बछड़े के संतुष्ट एवं पुष्ट होने पर ही यह पृथिवी तुम्हें कल्पलता के समान अनेक फलों को बिना माँगे ही प्रदान करेगी।
कहने का तात्पर्य यह है कि प्रजा के प्रसन्न और संतुष्ट होने पर ही राजा को उससे ठीक प्रकार करादि की प्राप्ति होती है। जो राजा की आय का प्रमुख साधन है। प्रजा भी उस स्थिति में मन से परिश्रम करेगी और अनेक प्रकार के उत्पादों को इस धरती से प्राप्त करेगी। इसलिए राजा की सुख समृद्धि के लिए प्रथम प्रजा का सुखी और समृद्ध होना आवश्यक है।
अतः प्रजा पर कर वसूली में बल प्रदर्शन की अपेक्षा पहले उनकी कठिनाइयों को दूर करना तथा उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करके उन्हें प्रसन्न करना अनिवार्य है, तभी राजा भी स्थिर, सुखी तथा समृद्ध हो सकता है।
विशेष-
१. 'क्षितिधेनुम्' में रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है। लक्षण—
तद् रूपकमभेदो य उपमानोपमेययोः
२. प्रजा की बछड़े के साथ तथा पृथिवी की कल्पलता के साथ उपमा दी गई है। अतः उपमा अलंकार—
प्रस्फुटं सुन्दरं साम्यमुपमेत्यभिधीयते।
३. अत्यन्त सुन्दर राजनीतिक तथ्य को उद्घाटित किया गया है।
४. यहाँ वसन्ततिलका छन्द का प्रयोग हुआ है। लक्षण—
१. नानाफलैः— अनेक फलों के द्वारा