पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)
Padmavat with Hindi Commentary
मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा
पृष्ठ 46, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंकहौं लिलाट दुइजकी जोती । दुइजहिज्योतिकहां जगँओती॥ सहसँ किरणिजोसूर्य्यदिपाये । देखि लिलाट सोउ छिपजाये ॥ का शिर बरणौं दिपै मयंकू । चांद कलंकी वह निकलंकू ॥ आवचांद पुनि राहु गरासा । वह बिन राहु सदा परकासा ॥ तेहिलिलाट पर तिलक जो बैठा । दुइजपास जानहुध्रुवै दीठा ॥ कनक पाट जनु बैठो राजा । सबै सिंगार अस्त्रं लै साजा ॥ वह आगे थिरै रहैन कोऊ । वहका कहिं अस जुरा सँजोऊँ॥ दो० खड्ग धनुष औ चक्रवान, दुइजग मारन नाउँ । सुनिके परा मुरछकै राजा, मोकहँ भये यकठाउँ ॥ भौंहें श्यामैं धनुर्प जनुताना । जासों हेरै मारि बिख बाना ॥ ओहि धनुष वह भौंह चढ़ा । कै हत्यार काल अस गढ़ा ॥ ओहि धनुष कृष्ण पै अहा । ओही धनुष राघव केर गहा ॥ ओहि धनुष रावण संहारों । ओहि धनुष कंसासुर मारा ॥ ओहि धनुष बेधा हत राहू । मारा वही सहस्राबाँहू ॥ ओहि धनुपमें उपनहि चीन्हा । धानिकै आप्पन वै जग कीन्हा वहिभौंहहिशरैं कोइ न जीता । अप्सरैंहिं छिपी छिपी गोपितों ॥ दो० भौंहँधनुष धनधान कै, दूसर सैर न कराय । गगन धनुष उगवै, लांजहि सो छिपजाय ॥ नयने वान सैर पूचन कोऊ । जनुसमुद्र अस उलटहिं दोऊ ॥ रौती कमल करहिं अलभैंवाँ । गुंजहिं मातनकरहिं अपसवां ॥ शिर १-४-६ दुनियाँ २-२४ हज़ार ३ तारीफ़ ५ चांद ६ ऐब ७ रोशन ८ नाम नखत १० सोना ११ हथियार १२ क़ायम १३ मिलना १४ सियाह १५ कमान १६ देखना १७ मौत १८ हाथ १६ मारडालना २० नामराजा २१ तीर अंदाज़ २२ निशाना २३ वान २५ इन्द्रलोककी परी २६ गोपी २७ पंचायत तीर अंदाज़ २८ बराबर २६-३२ आसमान ३० आंख ३१ लाल ३३ भँवर ३४ ॥