पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)
Panchadashi by Swami Vidyaranya
स्वामी विद्यारण्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished726 पृष्ठ
पृष्ठ 700, कुल 726 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 700
११२ पञ्चदशी है, वह तो एक प्रकार से 'योगी' ही है, ऐसा यदि कोई समझे तो वह भी ठीक ही समझ रहा है। पहले ही कहा जा चुका है कि अन्त में जाकर तो 'योग' और 'विवेक' एक ही हो जाते हैं। यों मन्दाधिकारियों पर अनुग्रह करने के लिए आत्मानन्द का विवेक इस प्रकरण में किया है।