भारतकोश
परिभाषेन्दुशेखर (नागेश भट्ट - व्याकरण परिभाषा सिद्धान्त एवं भैरवी टीका सटीक)

परिभाषेन्दुशेखर (नागेश भट्ट - व्याकरण परिभाषा सिद्धान्त एवं भैरवी टीका सटीक)

Paribhashendushekhara of Nagesha Bhatta with Commentary

महामहोपाध्याय नागेश भट्ट (सम्पादक: पं. विश्वनाथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished373 पृष्ठ

पृष्ठ 152, कुल 373 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 152

? No, it's ङ्नि? Wait, could it be न्निप्रत्यये`? No, what is the base? "कूटिन्"? कूटि + इनि = कूटिन्? Wait, Pāṇini 3.2.14: "शमी धात्वर्थविकत्थने"? No, "इनि" suffix: "सुपि स्थः", "करणाधिकरणयोश्च", "व्रातेन जीवति"? Wait, what word is "सांकूटिनम्"? Let's look at the paribhāṣā text: "सांकूटिनमित्यादौ च केवलकूटि..." Wait! What sutra mentions सांकूटिनम्? "इनि" प्रत्यय in: "सांकूटिनम्" is formed from "सं-कूटिन्" + अण् ? Wait! "सांकूटिनं भिक्षाम्"? Patañjali on: "यत्र गतिकारकसमभिव्याहृतम्..." Let's check Mahābhāṣya on "गतिकारकोपपदात् कृत्": Or Mahābhāṣya on "सुट् कात् पूर्वः"? Wait! In Mahābhāṣya on 1.1.43 (सुट् कात् पूर्वः) or 1.1.62 or 1.4.13: Let's search for "सांकूटिनम्": In Mahābhāṣya: "सा