पातञ्जल योगदर्शन (भाष्य सहित)

पातञ्जल योगदर्शन (भाष्य सहित)
Patanjali Yoga Darshan
महर्षि पतञ्जलि / हरिकृष्णदास गोयन्दका द्वारा
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| पाद | सूत्र | पृष्ठ | |
|---|---|---|---|
| क्षीणवृत्तेरभिजातस्येव मणेर्ग्रहीतृग्रहणग्राह्येषु तत्स्थतदञ्जनता-<br>समापत्तिः ... | १ | ४१ | ३१ |
[ ग ]
| ग्रहणस्वरूपास्मितानव्यार्थवत्त्वसंयमादिन्द्रियजयः | ३ | ४७ | ११७ |
|---|
[ च ]
| चन्द्रे ताराव्यूहज्ञानम् ... | ३ | २७ | १०३ |
|---|---|---|---|
| चित्तान्तरदृश्ये बुद्धिबुद्धेरतिप्रसङ्गः स्मृतिसंकरश्च | ४ | २१ | १४० |
| चितेरप्रतिसंक्रमायास्तदाकारापत्तौ स्वबुद्धिसंवेदनम् | ४ | २२ | १४१ |
[ ज ]
| जन्मौषधिमन्त्रतपःसमाधिजाः सिद्धयः ... | ४ | १ | १२५ |
|---|---|---|---|
| जातिदेशकालव्यवहितानामप्यानन्तर्यं स्मृतिसंस्कारयो-<br>रेकरूपत्वात् ... | ४ | ९ | १३१ |
| जातिदेशकालसमयानवच्छिन्नाः सार्वभौमा महाव्रतम् | २ | ३१ | ६६ |
| जातिलक्षणदेशैरन्यतानवच्छेदात्तुल्ययोस्ततः प्रतिपत्तिः | ३ | ५३ | १२३ |
| जात्यन्तरपरिणामः प्रकृत्यापूरात् ... | ४ | २ | १२८ |
[ त ]
| तच्छिद्रेषु प्रत्ययान्तराणि संस्कारेभ्यः ... | ४ | २७ | १४५ |
|---|---|---|---|
| तज्जपस्तदर्थभावनम् ... | १ | २८ | २२ |
| तज्जयात्प्रज्ञालोकः ... | ३ | ५ | ८५ |
| तज्जः संस्कारोऽन्यसंस्कारप्रतिबन्धी ... | १ | ५० | ३८ |
| ततः कृतार्थानां परिणामक्रमसमाप्तिर्गुणानाम् | ४ | ३२ | १४८ |
| ततः क्लेशकर्मनिवृत्तिः ... | ४ | ३० | १४७ |