भारतकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

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छठा अध्याय : योग १३७ अब इंग्लेण्ड की महारानी एलिजबेथ की जन्म कुण्डली दी जाती है। इनका जन्म २१ अप्रैल १९२६ को लन्दन में २ बजकर ४० मिनिट पर हुआ। उस समय घड़ियाँ १ घंटे आगे बढ़ा दी गई थीं इसलिए वास्तविक समय एक बजकर ४० मिनिट था। इनकी जन्म कुण्डली नीचे दी जाती है। लग्न ८-२८-३८ सूर्य ०-७-२२ चन्द्र ३-१९-१७ मंगल ९-२८-३ बुध ११-११-५० बृहस्पति ९-२९-१३ शुक्र १०-२२-८ शनि ७-१-३६ राहु २-२७-४१ केतु ८-२७-४१ इनकी कुण्डली में धनेश द्वादश में तथा द्वादशेश धन में है, यह दैन्य योग हुआ। सूर्य, मंगल अपनी उच्च राशि में है, चन्द्रमा अपने घर का है; यह सब उत्तम योग हैं। राजकन्या होने से महारानी हो गईं। परन्तु इनका राजयोग क्रमशः पतनोन्मुख है। नीचे श्री रोबर्ट निक्सन की जन्म कुण्डली दी जा रही है। ये अमेरिका के प्रेसीडेन्ट हैं। इनका जन्म ९ जनवरी १९१३ को केलीफोर्निया में (अक्षांश ३३-४७ उत्तर, देशान्तर ११७-५१ पश्चिम