फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
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२६४ फलदीपिका सम्यक्स्फुटाभिहितया क्रिययाप्तवाव्या- दायुर्बुधो वदतु भूरिपरीक्ष्य च ॥२५॥ जन्म-कुण्डली में आचार्यों के आदेशानुसार ग्रह-स्पष्ट, दशा आदि का गणित कर श्रीपति ने जो दशायें बतायी हैं वे तथा अष्टकवर्ग, कालचक्र दशा आदि का पूरा विचार कर आयु का निर्णय करना चाहिये ॥२५॥