फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
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उन्नीसवां अध्याय : दशाफल ३४७
| नक्षत्र | नक्षत्र | नक्षत्र | ग्रह | दशावर्ष |
|---|---|---|---|---|
| कृत्तिका | उ० फा० | उ० षा० | सूर्य | ६ |
| रोहिणी | हस्त | श्रवण | चन्द्र | १० |
| मृगशिर् | चित्रा | धनिष्ठा | मंगल | ७ |
| आर्द्रा | स्वाती | शतभिषा | राहु | १८ |
| पुनर्वसु | विशाखा | पू० भा० | बृहस्पति | १६ |
| पुष्य | अनुराधा | उ० भा० | शनि | १९ |
| आश्लेषा | ज्येष्ठा | रेवती | बुध | १७ |
| मघा | मूल | अश्विनी | केतु | ७ |
| पू० फा० | पू० षा० | भरणी | शुक्र | २० |