प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - प्रतिमा-दर्शन एवं सम्पूर्ण ७ अङ्क सान्वय सटीक)
Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa with Commentary
महाकवि भास द्वारा
पृष्ठ 114, कुल 178 में से
संदर्भ में पढ़ें( 111 )
पैदल चलने वाला । भार्यया सह = सीता के साथ । आज्ञप्तः = आज्ञा प्राप्त करके लिया गया है । उदाहृतम् = कहा गया है । देशकाले = उचित स्थान और अवसर पर । अयशसि = अपयश मे । लोभः = आकर्षण । कीर्तयित्वा = कह कर या नाम लेकर । किमु = क्या । नृपफलतर्षः = राजभाव से प्राप्त भोग्य वस्तु की तृष्णा । दद्यात् = प्रदान की । नृपतिमाता = राजा की जननी । इष्टः = अभिलषित । भवति = हे देवी । आर्यः = राम । कष्ट = बहुत बुरा पाप । { राज्यैषिण्या = राज्य की कामुक बनी । असुभिः = प्राणो से । गणितः –श्राप } । प्रेषितवती = भेजा । शीर्णम् = टूटा । वल्कलवतीम् = वल्कलवस्त्र –धारण करने वाली को । धात्रा = विधाता के द्वारा । सृष्ट = बनाया गया है । वज्रकठिनम् = इन्द्र के आयुध वज्र के समान कठोर । प्रकृतिभिः = मन्त्री आदि अधिकारियों के साथ । पुरस्कृत्य = आगे करके । प्रत्युद्गतौ = सम्मान करते [L1