भारतकोश
पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

Purnaprajna Bhashya of Sriman Madhvacharya with Commentary

श्रीमन् मध्वाचार्य (टीकाकार: जगन्नाथ यति / गोपालकृष्णाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,267 पृष्ठ

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? Wait, look at line 25: तथा च यः विश्वकर्मसूक्ते or तथा च यत्? तथा च यः - wait, look at यः: it is followed by a visarga or is it यद्? Let's zoom in on line 25: तथा च य then or space with a dot? Wait, यः विश्वकर्मसूक्ते? No, look at line 26: वा पर एना पृथिव्या परो देवेभिरसुरैर्यदस्ति” इति या आख्या उक्तिः The sentence is: तथा च या विश्वकर्मसूक्ते ... इति या आख्या उक्तिः? Wait, does line 25 say या? Look at the letter after : it is with something... wait, look closely: It has a top bar, , and an anusvara? Or यः? Or या? Wait, it has a vertical stroke to the right with a blot: could it be या? No, look at यः: there are two dots vertically aligned, but the top dot is faint. Wait, or is it यः? Wait, in विश्वकर्मसूक्ते: "यः विश्वकर्मसूक्ते ..."? No, Vishvakarma is यः (he who is...)? Wait,

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