भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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७२ प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास जग्गा, सैंसमल^१ (सहसमल), रिड़मल^२ (रणमल), कल्ला और राजधर नामक [सूरजमल की रानियां और संतति] सात पुत्र और उम्मेदकुंवरी नामक एक पुत्री हुई^३ । जोधपुर के कविराजा बांकीदास के 'ऐतिहासिक बातों के संग्रह' से ज्ञात होता है कि महारावत सूरजमल के पुत्र वाघसिंह, संसारचंद, सहसमल, रणमल्ल और कल्ला हुए, जो बीकानेर के स्वामी लूणकर्ण के दोहिते थे^४, परन्तु प्रतापगढ़ राज्य के बड़वे की ख्यात में संसारचंद का नाम ही नहीं है और न इस राठोड़ राणी का नाम ही दिया है । उसमें रणधीर, और वाघसिंह का हाड़ी राणी श्रृंगारकुंवरी, सहसमल और रणमल का हाड़ी राणी तख्तकुंवरी, कल्ला तथा राजधर का सोनगरी राणी जड़ावकुंवरी और (१) सैंसमल (सहसमल) के लिए प्रतापगढ़ राज्य की ख्यातों में लिखा है कि उसको मेवाड़ की तरफ से निंबाहेड़ा जागीर में मिला था। सादड़ी की जागीर महारावत विक्रमसिंह से महाराणा उदयसिंह ने ले ली, तब सैंसमल का पुत्र कान्हलं (कांधल) उक्त महारावत के साथ चला गया, जिसको कांठल के इलाके में धमोतर कीं जागीर मिली। सैंसमल के नाम से उसके वंशधर सिंहावत कहलाते हैं। उनका प्रमुख ठिकाना धमोतर है, जो प्रतापगढ़ राज्य में प्रतिष्ठा और आय में बड़ा है। मारवाड़ राज्य में सालामंड का ठिकाना धमोतर के छोटे भाइयों का है। इसी धमोतर ठिकाने की एक शाखा पूरावत है, जो ठाकुर कान्हल के छोटे पुत्र पूरा से प्रसिद्ध हुई । इस पूरावत शाखा में जाजली का ठिकाना प्रथम वर्ग और वरखेड़ी का द्वितीय वर्ग में है । ये दोनों ठिकाने भी अधिक पुराने नहीं हैं । जाजली का ठिकाना महारावत सर रामसिंहजी ने प्रथम वर्ग में दाख़िल किया है और वरखेड़ी का ठिकाना महारावत रघुनाथसिंह के समय क़ायम हुआ है । (२) रिड़मल (रणमल) के लिए भी प्रतापगढ़ राज्य की ख्यात में लिखा है कि वह महाराणा उदयसिंह के समय मेवाड़ और बूंदी की सीमा पर किसी लड़ाई में काम आया था । उसके वंशज रणमलोत कहलाते हैं । रणमलोतों का कल्याणपुरे का ठिकाना प्रथम वर्ग में है । (३) प्रतापगढ़ राज्य के बड़वे की ख्यात; पृ० १ । (४) कविराजा बांकीदास; ऐतिहासिक बातों का संग्रह; संख्या १३६७ ।