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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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२७२ प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास सरकार को स्वीकार नहीं हुई। अंत में वह ग्वालियर-राज्यान्तर्गत अचेरे की गढ़ी में रखा गया। उन दिनों महारावत ने शासन-कार्य पीछा अपने हाथ में ले लिया था। स्नेहवश उस(महारावत)ने कुंवर का अपराध क्षमाकर उसे पीछा प्रतापगढ़ में बुला लेना चाहा और इसके लिए अंग्रेज़ अफ़सरों से लिखा-पढ़ी भी प्रारंभ की¹। संभव था कि कुंवर का अपराध अंग्रेज़ सरकार भी क्षमा कर देती, पर इसी बीच वि० सं० १८८२ चैत्र सुदि १४ (ई० स० १८२६ ता० २१ अप्रेल) को दीपसिंह की मृत्यु हो गई²। और वृद्ध था एवं उस(दीपसिंह) का दमन नहीं कर सकता था तो भी वह उस(दीप- सिंह)को क़ैद से छुड़ाने के लिए बड़ा व्यग्र था। कुछ लोगों का यह कथन है कि सरकारी सेना से कुंवर का मुक़ाबला होने पर एक अंग्रेज़ अफ़सर भी मारा गया, जिसका स्मारक प्रतापगढ़ क़स्बे के बाहर पश्चिम की ओर बना हुआ है। एक स्थल पर यह भी लिखा मिलता है कि कुंवर दीपसिंह ने कप्तान मेकडॉनल्ड को मार डाला था। वस्तुतः ये सब कथन भ्रांतिमूलक हैं; उपर्युक्त स्मारक बङ्गाल की पैदल सेना के ४६ वीं रेजिमेंट के लेफ़्टेनेन्ट और रामपुरा की देशी बटालियन के एडज्यूटेंट जॉन वायली का है, जिसकी | ई० स० १८२६ ता० १४ अक्टूबर (वि० सं० १८८३ आश्विन सुदि १४) को वहां पर मृत्यु हुई थी; इसके छः मास पूर्व ही कुंवर दीपसिंह का देहावसान हो गया था। इसी प्रकार कप्तान मेकडॉ- नल्ड के वहां मारे जाने और उसका स्मारक सालमगढ़ में होने की बात भी निर्मूल है। कप्तान मेकडॉनल्ड दीपसिंह के बंदी होने के पीछे तक विद्यमान था, जैसा कि संधिपत्रों से निश्चित है। (१) महारावत सामन्तसिंह का मि० वेलेज़ली के नाम का वि० सं० १८८२ फाल्गुन वदि ८ (ई० स० १८२६ ता० १ मार्च) का पत्र। (२) के० डी० अर्सकिन ने अपने प्रतापगढ़ राज्य के गैज़ेटियर में ता० २१ मई ई० स० १८२६ को दीपसिंह की मृत्यु होना लिखा है। इसी प्रकार मैलेसन के "हिस्टोरिकल स्केचिज़","स्केचेज़ राजपूताना" आदि में उसके देहांत की यही तारीख़ दी है, जिसका हिन्दी तिथियों से मिलान करने पर उस दिन वि० सं० १८८३ वैशाख सुदि १४ आती है, किन्तु प्रतापगढ़ राज्य के राजाओं की निधन-तिथियों की सूची में दीपसिंह की निधन-तिथि वि० सं० १८८३ चैत्र सुदि १४ दी है। उसका मिलान करने पर उस