भारतकोश
रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)

रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)

Ramayana Mimamsa of Swami Karpatri Maharaj

धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा

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पृष्ठ 1029

in line 7, वैष्णवे in line 6, कौशेय in line 10. In देवतायै, there is no repha, it's just देवतायै! Wait, look closely: is there an 'r' sound? No, the dative is देवतायै ("त्वामाराध्य देवतायै पवित्रकमारोपयन्तु" - having worshiped you, let them offer the pavitra to the deity!). That makes 100% perfect sense grammatically and ritualistically: "तान्त्रिकास्त्वत्सादृश्यानुकारेण निवीतेन त्वामाराध्य देवतायै पवित्रकमारोपयन्तु।" Wait, look at त्वातसादृश्यानुकारेण: in line 8, is there a space: तान्त्रिकास्त्वत्सा दृश्यानुकारेण? Yes, there is a small gap between त्सा and दृश्या: तान्त्रिकास्त्वत्सा दृश्यानुकारेण or तान्त्रिकास्त्वत्सादृश्यानुकारेण? It looks like a slight space, but let's keep it close to the text.

Let's check :
`अथ पवित्रलक्षणम्— "हेमरूप्यताम्रक्षौमैः सूत्रैः कौशेयपद्मजैः ।`
Wait, is the quote opening `"` or `''` or `“`
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