झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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१७८ झाँसी की रानी इनकी जाति के कुछ लोगो को पुलिस का थानेदार बना सको, तो अच्छा होगा। रानी अगर बुलाये तो चले जाना, परन्तु उसको कोई वचन न देना क्योकि उसके मामले में अब और कुछ नही हो सकता। मदरसो के खोलने की जल्दी मत करना। नौकरिया देने में हिन्दू-मुसलमानो का लाभकारी समीकरण रखना और यथाशक्ति दोनो को उनके अलग अलग हक समझाते रहना।' गार्डन बोला, 'मैं मूर्ख नही हू। मैने शिक्षा-नीति के सम्बन्ध मे जो बात कही थी वह केवल यह देखने को कि स्कीन कितने गहरे पानी में है।' एलिस—'स्कीन खुर्राट है रे।'