झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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लक्ष्मीबाई २१३ खुदाबख्श बोला, 'मुझको किसी से कुछ नही कहना है। यकीन रखिये। परन्तु पीरअली के बावत अन्त में आप देखेगी कि आपका भ्रम था।' खुदाबख्श चला गया। दूसरे दिन रानी को मोतीबाई ने सब समाचार दे दिया।