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झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography

वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा

DevanagariHindipublished526 पृष्ठ

पृष्ठ 337, कुल 526 में से

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पृष्ठ 337

३२६ झाँसी की रानी जवाहरसिंह—'काफी अन्न एकत्र किया जा रहा है। और शीघ्र ही किले के कमठाने में जमा कर लिया जावेगा।' रानी—'चूना, ईंट, पत्थर भी इकट्ठा कर रखना। कारीगर भी हाथ में रहे।' जवाहरसिंह—'जो आज्ञा।' रानी—'सेना का और युद्ध का कोई भी अङ्ग निर्बल न रहने पावे।'

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