झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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३६२ झांसी की रानी 'इस पर भी गोरो के साथ भोपाल, हैदराबाद और ओर्छा रियासत के दस्ते हैं और मदरास उत्तर की काली पल्टन भी ।' 'ओर्छा रि ासत का दस्ता उत्तर की ओर श्रञ्जनी की टौरिया पर तैनात है ।' 'तुमको कैसे मालूम ?' 'किले में चर्चा थी । रानी साहव के जासूसो ने खबर दी होगी ।' पीरअली ने सोचा, 'बरहामुद्दीन चतुर मालूम होता है; सावधान होकर काम करना चाहिये ।'