झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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लक्ष्मीबाई ३७९ समय आठ दस ब्राह्मण पानी भर रहे थे । उनमें से आधे मारे गये, बाकी भाग गये । ये गोले पश्चिमी मोर्चे से आये थे । पानी की टूट पडी । ३, ४ घण्टे लोगो को प्यासा रहना पड़ा । किले का पश्चिमी मोर्चा सँभाला गया । अङ्गरेजी मोर्चे का मुँह बन्द हुआ । तब कुये से पानी आ पाया । फिर रात हुई और बहुत कुछ शान्ति दोनो पक्ष थकावट में चूर थे । इस रात पीरअली और दूल्हाजू को अवसर मिला ।