झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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४३२ झांसी की रानी लड़का कुछ महीने बाद गिरफ्तार हो गया । परन्तु उन्ही दिनो विक्टोरिया की क्षमा घोषणा हुई और वह फांसी से बच गया । इस प्रकार की घटनाये झासी जिले के उन सब गावो में हुई जहां एक छोटी मोटी भी गढी थी, और जनता को हथियार पकडने की सांस मिली थी । आठवे दिन झाँसी में रोज़ का एलान हुआ, 'खलक खुदा का, मुल्क बादशाह का, अमल कम्पनी सरकार का।' परन्तु इन सात दिनो हवा में जो स्तब्ध घोषणा घूमी थी यह थी, 'खलक शैतान का, मुल्क शैतान का, अमल शैतान का।' रोज को झाँसी जिले में 'कम्पनी सरकार का अमल' कायम करने में करीब एक महीना लग गया ।