झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
पृष्ठ 466, कुल 526 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 466
लक्ष्मीबाई ४५३ रानी—'एक बार फिर जाओ। शीघ्र जाओ और पूरा पता लगा कर शीघ्र आओ।' रावसाहब—'शीघ्रता के लिये तो तात्या शेरो का शेर है।' आज्ञा पाकर तात्या तुरन्त ग्वालियर की ओर रवाना हुआ।