भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

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[ २४ ] विषय पृष्ठ | विषय पृष्ठ स्नुही क्षार का नाम ३४३ | सौवर्चल लवण का गुण ३५४ स्नुही क्षार का गुण ,, | सौवर्चल लवण का निर्माण ३५५ स्नुही क्षार का आमयिक प्रयोग ,, | रोमक लवण का नाम ३५५ पलास क्षार का नाम ३४४ | रोमक लवण का उत्पत्ति स्थान ३५५ पलास क्षार का गुण ,, | रोमक लवण का गुण ३५६ पलास क्षार का आमयिक प्रयोग ३४५ | लवण द्राव का नाम ३५६ चिञ्चा क्षार का नाम ,, | लवण द्राव का निर्माण ३५६ चिञ्चा क्षार का गुण ३४६ | सजल लवण द्राव का निर्माण ३५७ चिञ्चा क्षार का आमयिक प्रयोग ,, | सजल लवण द्राव का गुण ३५८ सैन्धव का नाम ३४७ | सजल लवण द्राव की मात्रा ३५८ सैन्धव का गुण ,, | सजल लवण द्राव का आमयिक सैन्धव का उत्पत्ति स्थान ३४८ | प्रयोग ३५६ सैन्धव का आमयिक प्रयोग ,, | पञ्चदश तरंग नारिकेल लवण ,, | धातुओं की संख्या ३६१ नारिकेल लवण का गुण ३४६ | सब धातुओं का सामान्य नारिकेल लवण का आमयिक | शोधन ३६२ प्रयोग ३५० | द्वितीय शोधन ३६३ अर्क लवण ३५० | धातुओं का सामान्य मारण ३६३ अर्क लवण का गुण ,, | सुवर्ण का नाम ३६३ अर्क लवण का आमयिक | ग्राह्य सुवर्ण का स्वरूप ३६३ प्रयोग ,, | ग्राह्य सुवर्ण का २ रा लक्षण ३६४ सामुद्र लवण का नाम ३५१ | अग्राह्य सुवर्ण का स्वरूप ,, सामुद्र लवण का गुण ,, | सुवर्ण शुद्धि का प्रयोजन ३६५ सामुद्र लवण का परिचय ,, | सुवर्ण का प्रथम शोधन ,, विड् लवण का नाम ३५२ | सुवर्ण द्वितीय शोधन प्रकार ,, विड् लवण का गुण ,, | सुवर्ण तृतीय शोधन ३६६ विड् लवण का १ ला निर्माण ,, | शुद्ध सुवर्ण प्रयोग ३६७ विड् लवण २ रा निर्माण ३५४ | घिसे हुए शुद्ध सुवर्ण का गुण ३६७ सौवर्चल लवण का नाम ,, | सुवर्ण पन्नी का नाम ३६७

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