भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

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[ २५ ] विषय पृष्ठ | विषय पृष्ठ सुवर्ण पन्नी का गुण ३६८ | तृतीय मारण ३६० सुवर्ण पन्नी की प्रयोग विधि ३६८ | चतुर्थ मारण ३६१ सुवर्ण लवण का नाम ३६८ | पञ्चम मारण ३६१ सुवर्ण लवण का निर्माण ३६६ | छठा मारण ३६२ सुवर्ण लवण का गुण ३७० | सातवाँ मारण ३६३ सुवर्ण लवण की मात्रा ३७० | रजत भस्म गुण ३६४ सुवर्ण लवण का प्रयोग क्रम ३७० | विशिष्ट गुण ३६५ सुवर्ण लवण का प्रथम मारण ३७१ | रजत भस्म की मात्रा ३६६ सुवर्ण लवण का द्वितीय मारण ३७२ | रजत भस्म का आमयिक प्रयोग ३६६ सुवर्ण लवण का तृतीय मारण ३७३ | सोरकाम्लीय रजत का निर्माण ३६६ सुवर्ण लवण का चतुर्थ मारण ३७४ | नवसादर बाष्पद्रव निर्माण ४०२ सुवर्ण लवण का पञ्चम मारण ३७४ | नवसादर बाष्पद्रव का गुण ४०३ मृत सुवर्ण का गुण ३७५ | नवसादर बाष्पद्रव का आमयिक मृत सुवर्ण का विशेष गुण ३७६ | प्रयोग ४०४ सुवर्ण भस्म की मात्रा ३७६ | सोरकाम्लीय रजत का गुण ४०५ सुवर्ण भस्म का आमयिक प्रयोग ३७६ | सोरकाम्लीय रजत द्रव का निर्माण ४०६ षोडश तरङ्ग | आमयिक प्रयोग ४०६ रजत का नाम ३८५ | द्वितीय सोरकाम्लीय रजत द्रव ४०७ ग्राह्य रजत का स्वरूप ३८५ | प्रयोग विधि ४०७ त्याज्य रजत का स्वरूप ३८६ | तृतीय सोरकाम्लीय रजतद्रव ४०७ रजत शोधन का फल ३८६ | प्रयोग विधि ४०८ रजत शोधन का प्रथम प्रकार ३८७ | सप्तदश तरङ्ग रजत शोधन द्वितीय विधि ३८७ | ताम्र का नाम ४०८ रजत का तृतीय शोधन ३८८ | ग्राह्य ताम्र स्वरूप ४०८ रजत पन्ना का नाम ३८८ | त्याज्य ताम्र स्वरूप ४०६ रजत पन्नी का गुण ३८८ | ताम्र के दो भेद ,, रजत पन्नी का प्रयोग ३८६ | नेपाल ताम्र का लक्षण ४१० रजत मारण ३८६ | म्लेच्छ ताम्र का लक्षण ,, द्वितीय मारण ३६० | ताम्र शोधन का फल ,,

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