भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished799 पृष्ठ

पृष्ठ 609, कुल 799 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 609

५८४ | रसतरङ्गिणी

कण्ठाभं तीक्ष्णमुष्णं च जायते" इति। लौहं तु—तिक्तं सलवणं कृष्णं शीत- लञ्च । स्मरन्ति हि—"लौहं जटायुपक्षाभं सतिक्तं लवणं भवेत् । विपाके कटुकं शीतं सर्वश्रेष्ठमुदाहृतम्" इति । एतेन शिलाजतु स्वोपादानस्वर्णादिधातुवत् शीतवीर्यम्, ताम्रस्य तु उष्णवीर्यम् । ताम्रस्योष्णवीर्यत्त्वात् । तस्मात् लौहं शिलाजत्वपि उष्णवीर्यमिति लोकोक्तिर्भ्रान्तेति निश्चयः ॥६५–६८॥ भा.टी.—स्वर्णधातुयुक्त शिलाओं से निकलनेवाला शिलाजीत शिशिर- गुण, मधुर, तिक्त और कटुरस तथा कटुविपाकी और बाह्यदर्शन में गुड़हलपुष्प सदृश वर्ण का होता है । रजतधातु युक्त शिलाओं से निकलनेवाला शिलाजीत शिशिर पाण्डुवर्ण, तिक्त रस, मधुरपाकवाला होता है। ताम्रधातु युक्त शिलाओं से प्राप्त होनेवाला शिलाजीत तिक्तरस, तीक्ष्ण, उष्ण गुण और बाह्यदर्शन में नीलाभवर्ण का होता है । लौहधातु युक्त शिलाओं से प्राप्त होनेवाला शिला- जीत तिक्त, किञ्चित् लवण और कषाय रस, कटुविपाक, शीतल, गुरु तथा स्निग्ध गुण और बाह्यदर्शन में काले रंग का होता है। इनमें से सुवर्ण शिला- जतु वातपित्तनाशक, रजतशिलाजतु श्लेष्मपित्तहर, ताम्रशिलाजतु कफनाशक, किन्तु लौह शिलाजतु त्रिदोषशामक होता है ॥ ६५–६८ ॥ शिलाजतुनः शोधनम् [ गीतिका ] विगताम्बुदे निवाते धरणीतलप्रदेशे । प्रखरे निदाघकाले प्रणयेच्छिलाजशुद्धिम् ॥ ६६ ॥ विमलानि भाजनानि त्रयसा विनिर्मितानि । युगसंमितानि तीव्रे निदधीत सूर्यतापे ॥७०॥ सुविचूर्णीतं शिलाजं विनिधाय पात्रमध्ये । द्विगुणं प्रतप्तनीरं त्रिफलाकषायमर्द्धम् ॥७१॥ गिरिजे प्रदाय यामं निदधीत तीव्रतापे । कामं विमर्द्य गिरिजं विदधीत वस्त्रपूतम् ॥७२॥ विनिधाय पूर्वपात्रे निदधीत तीव्रतापे । अथ तीव्रतापयोगाद्विमलं सरं प्रकाशम् ॥७३॥ मृदुलं प्रगाढकृष्णं यदुपैति नीरपृष्ठे । विदधीत सोष्णतोये खलु भाजनेऽपरस्मिन् ॥७४॥ अथ वै द्वितीयपात्रात् खलु भाजने तृतीये ।

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक) · पृष्ठ 609, कुल 799 में से · BharatKosha