रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)

रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य) द्वारा
DevanagariHindipublished584 पृष्ठ
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-र्द्वा-म्बू-श-र्के-रा-सि-न्धु-->आ-र्द्राम्बु-श-र्क-रा-सि-न्धु-यु-तः(8) * स्व-च्छन्द-भै-र-वः->स्व-च्छ-न्द-भै-र-वः(wait: 6? स्वच्छन्दभैरवः has 5 syllables: स्व-च्छन्द-भै-र-वः? Usuallyस्वच्छन्दभैरवो नामor...युतः स्वच्छन्दभैरवः-> Anushtubh allows varying cadence orस्वच्छन्दभैरवःas name). * Let's check the text in line 25: आर्द्राम्बुशर्करासिन्धुयुतः स्वच्छन्दभैरवः । It clearly reads:आर्द्राम्बुशर्करासिन्धुयुतः स्वच्छन्दभैरवः ।`
- Line 26:
इक्षुं द्राक्षां सिताञ्चापि दधि पथ्यं रुचौ ददेत् ॥ ३५ ॥(Wait, is it ३५? Yes, ॥३५॥)- Let's check letters:
इक्षुं(ikṣuṁ)द्राक्षां(drākṣāṁ)