भारतकोश
रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary

रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा

DevanagariBrajpublished368 पृष्ठ

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( VII ) कारज-कारन रूप ३३५ काल्हि पर्यौ मुरलि-धुनि मैं २३८ काल्हि भटू मुरली-धुनि मैं २२६ काह कहूँ रतियाँ की कथा ३०४ काह कहूँ सजनी सग की ३०५ काहू को माखन चाखि २२३ काहे कूँ जाति जसोमति के २६१ कीजै कहा जु पै लोग २७१ कु जगली मे अली निकसी २१७ कुंजनि कुंजनि गुंज के २४१ केसरिया पट केसरि २५७ कैसा यह देश निगोरा ३५२ कैधो रसखान रस २७८ कैसो मनोहर वानक १६१ काइ सौ माई कहा करिये ३११ कोउ याहि फासी ३२६ कौन की आगरि रूप की २१३ कौन को लाल सलोनो २४३ कौन ठगोरी भरी हरि आजु २११ खंजन नैन फदे पिजरा २१७ खजन मीन सरोजन को १६७ खेलत फाग सुहाग २७३ खेलत काग लख्यो २७३ खेलिये फाग निसंक ३५० खेलै अलीजन के गन मैं २५५ गाड दुहाई न या पै कहू १६६ गारी के देवैया वनवारी ३३८ गारी खाइयो अरे गवार ३४३ गावै गुनी गनिका गधरव्व १६१ गुंज गरे सिर मोर पखा १६२ गोकुल को ग्वाल काल्हि २७५ गोरज विराजै भाल १८१ गोकुल के विछुरे को सखी ३०७ गोकुल नाथ वियोग प्रलै ३०८