रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)
Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary
रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा
DevanagariBrajpublished368 पृष्ठ
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समीक्षा भाग १३ का साहित्यिक परिनिष्ठित रूप स्वीकृत और मुहावरो का भो सुन्दर प्रयोग हुआ है। अन्त मे हम कह सकते है कि इनकी कविता सच्ची अनुभूति से पूर्ण है । भावपक्ष और कलापक्ष दोनो की दृष्टि से इनका काव्य प्रौढ़ है । यदि हम इस काव्यधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि घनानन्द को हिन्दी श्रृंगारी कवियो में सर्वश्रेष्ठ मानें तो अनुचित नही होगा ।