भारतकोश
रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary

रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा

DevanagariBrajpublished368 पृष्ठ

पृष्ठ 32, कुल 368 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 32

समीक्षा भाग १३ का साहित्यिक परिनिष्ठित रूप स्वीकृत और मुहावरो का भो सुन्दर प्रयोग हुआ है। अन्त मे हम कह सकते है कि इनकी कविता सच्ची अनुभूति से पूर्ण है । भावपक्ष और कलापक्ष दोनो की दृष्टि से इनका काव्य प्रौढ़ है । यदि हम इस काव्यधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि घनानन्द को हिन्दी श्रृंगारी कवियो में सर्वश्रेष्ठ मानें तो अनुचित नही होगा ।