रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)
Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary
रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३० रसखान-ग्रन्थावली कृष्ण के मिलन का वर्णन किया है । वैष्णव भक्ति-पद्धति के अनुसार कृष्ण भगवान है और राधा उनकी शक्ति । बिना शक्ति के भगवान के ईश्वरत्व की सम्पूर्णता कुंठित रहती है और कृष्ण को सम्पूर्ण ईश्वर बनाने के लिए उनका राधा से मिलन अनिवार्य है । सभी कृष्णभक्त-कवियो ने राधा-कृष्ण-मिलन का वर्णन किया है । रसखान ने भी तीन सवैयो मे इस परम्परा का निर्वाह किया है । ५. बाललीला— हिन्दी में प्रचलित कृष्ण काव्यधारा के अन्तर्गत कृष्ण के माधुर्य रूप का ही मुख्यतया वर्णन किया गया है । श्रत इनके काव्यो मे बाल- लीला की प्रमुखता है। सूरदास तो इस क्षेत्र के सम्राट् ही माने जाते है । रस- खान ने भी कृष्ण की बाललीला से सम्बद्ध कुछ छंद लिखे है, पर ये संख्या में बहुत ही कम है । प्रस्तुत संकलन मे इस विषय के केवल चार छंद है, और अभी तक एतद्विषयक ये ही छंद प्राप्त भो हुए है । पहले छंद मे कृष्ण की छठी के उत्सव का वर्णन है । दूसरे छंद मे कृष्ण की उस अवस्था का वर्णन है, जब कृष्ण कुछ बडे हो जाते है और पैरो चलने लगते हैं । यशोदा जी उनके साथ खिलवाड करती है और 'ता' शब्द कहकर गौओ के पीछे छिप जाती है । कृष्ण उन्हे ढूँढते हैं, पर जब यशोदा जी उन्हे नही मिलती तो वे उठकर पृथ्वी पर लेट जाते है । तब यशोदा जी उन्हे गोद मे उठा लेती है । तीसरे छंद मे कृष्ण की सज्जा का वर्णन है। यशोदा जी उनके शरीर मे तेल लगाती है, आंखो मे अंजन लगाती हैं और साथ ही डिठौना भी लगा देती है ताकि उसके लाडले पुत्र को किसी की नजर न लग जाये । चौथे सवैया मे कृष्ण की उस अवस्था का वर्णन है जब वे काफी बड़े होकर खेलने के लिए घर से बाहर निकलने लगते है। उनका शरीर धूल से सना हुआ है । वे खेलते और खाते हुए अपने प्रागण मे घूम रहे है कि अचानक एक कौवा आता है और उनके हाथ से माखन तथा रोटी छीनकर ले जाता है । ६. रूप-माधुरी — 'रूप-माधुरी' शीर्षक के अन्तर्गत उन छंदो का वर्णन है जिनमे कृष्ण के सौन्दर्य का वर्णन किया गया है । इस वर्णन मे कोई विशेषता अथवा मौलिकता नही है, वरन् जैसा वणन अन्य कृष्ण-भक्त-कवियो ने किया है, वैसा ही रसखान ने भी किया है । हृदय पर सुशोभित मोतियो की माला, लटकती हुई घुँघराली अलके, सिर पर मुकुट, होठो पर मुरली, मस्तक