भारतकोश
रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

Ratnavali Natika of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished520 पृष्ठ

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under ? No, is separate. Next is a conjunct of two s: ट्ट. Wait, is it हट्टअ or हडक? Let's look at : is clearly the letter after it: हट्टअ !. Yes, देवहट्टअ ! * असामण्णरूवसोहा तादिसो तुए जइ णिम्मिदा ता कीस उण * तादिसो: wait, is it तादिसो or तादिसी? * Sanskrit chhaya (L15): असामान्यरूपशोभा तादृशी त्वया यदि निर्मिता... * In line 7: तादिसो! Look at the letter: , , , ि, , -> तादिसो. Yes, it clearly has an o-matra: तादिसो. * ईदिसं अवत्थंतरं पाविदा । इअं च रअणमाला जीविद- * अवत्थंतरं: , , त्थ, , , , . Yes. * पाविदा: , , , ि, `