भारतकोश
रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

Ratnavali Natika of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished520 पृष्ठ

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सुकुमारतनुः (11 or 12 syllables? वसन्ततिलका?) अम्-भो-ज-गर्-भ-सु-कु-मा-र-त-नुः (11 syllables) Let's check the scansion of: अम् (G) भो (G) ज (L) गर् (G) भ (L) सु (L) कु (L) मा (G) र (L) त (L) नुः (G or L) Wait: सद्यः पतन्मदनमार्गणरन्ध्रमार्गैः सद् (G) यः (G) प (L) तन् (G) म (L) द (L) न (L) मार (G) ग (L) ण (L) रन् (G) ध्र (L) मार (G) गैः (G) Wait, वसन्ततिलका is: उक्ता वसन्ततिलका तभजा जगौ गः (14 syllables) G G L G L L L G L L G L G G Let's check line 4: सद्यः (G G) पतन् (L G) मदन (L L L) मार्गण (G L L) रन्ध्रमार्गैः (G L G G) Total: 14 syllables! सद्-यः (G G) प-तन् (L G) म-द-न (L L L) मार