भारतकोश
ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

Ribhu Gita of Shiva Rahasya Hindi

महर्षि ऋभु / महर्षि निदाघ द्वारा

स्रोत: Ribhu Gita Sanskrit Shlokas with Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished249 पृष्ठ

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एवं त्वं त्वनिशं भजस्व नित्यं शान्तोद्यखिलवाक् समूहभावना ॥ 45.27॥

सत्यत्वाभावभावितोऽनुरूपशीलः । संपश्यन् जगदिदमासमंजसं सदा हि ॥ 45.28॥

॥ इति श्रीशिवरहस्ये शंकराख्ये षष्ठांशे ऋभुनिदाघसंवादे निदाघकृतगुरुस्तुतिवर्णनं नाम पंचचत्वारिंशोऽध्यायः ॥

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