भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1228, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 1228

न त्वा रासीयाभिशस्तये वसो न पापत्वाय सन्त्य. न मे स्तोतामतीवा न दुर्हितः स्यादग्ने न पापया.. (२६) हे वासदाता अग्नि! मैं मिथ्या अपवाद के लिए तुम पर आक्रोश नहीं करूंगा और न पाप के लिए तुम्हारा अपमान करूंगा. मेरा स्तोता भी ऐसा नहीं करेगा. बुद्धिहीन शत्रु बनकर मुझे बाधा न पहुंचावें. (२६) पितुर्न पुत्रः सुभृतो दुरोण आ देवाँ एतु प्र णो हविः.. (२७) भली प्रकार भरणकर्त्ता अग्नि हमारे यज्ञगृह में हमारा हवि देवों को इस प्रकार पहुंचावें जिस प्रकार पुत्र पिता की सेवा करता है. (२७) तवाहमन ऊतिभिर्नेदिष्ठाभिः सचेय जोषमा वसो. सदा देवस्य मर्त्यः.. (२८) हे वासदाता अग्नि! तुम्हारे समीपवर्ती रक्षासाधनों द्वारा मैं मनुष्य सदा तुम्हारी प्रसन्नता पाने के लिए सेवा करूं. (२८) तव क्रत्वा सनेयं तव रातिभिरग्ने तव प्रशस्तिभिः. त्वामिदाहुः प्रमतिं वसो ममाग्ने हर्षस्व दातवे.. (२९) हे अग्नि! तुम्हारी परिचर्चारूपी कर्म द्वारा मैं तुम्हारी सेवा करूंगा. तुम्हें हव्य देकर एवं तुम्हारी प्रशंसा करके मैं तुम्हारी सेवा करूंगा. हे वासदाता अग्नि! ब्रह्मवादी तुम्हें मेरा उत्तमबुद्धिरक्षक कहते हैं. हे अग्नि! दान के लिए प्रसन्न बनो. (२९) प्र सो अग्ने तवोतिभिः सुवीराभिस्तिरते वाजभर्मभिः. यस्य त्वं सख्यमावरः.. (३०) हे अग्नि! तुम जिस यजमान की मित्रता स्वीकार करते हो, वह तुम्हारे शोभन पुत्रों से युक्त रक्षाओं द्वारा वृद्धि पाता है. (३०) तव द्रप्सो नीलवान्वाश ऋत्विय इन्धानः सिष्णवा ददे. त्वं महीनामुषसामसि प्रियः क्षपो वस्तुषु राजसि.. (३१) हे सोम से सींचे गए, द्रवणशील, शकट रूपी नीड़ वाले, शब्द करते हुए, ऋतुओं में उत्पन्न एवं प्रज्वलित अग्नि! तुम्हारे लिए सोमरस दिया जाता है. तुम महती उषाओं के प्रिय हो एवं रात के समय सारी वस्तुओं में सुशोभित होते हो. (३१) तमागन्म सोभरयः सहस्रमुष्कं स्वभिष्टिमवसे. सम्राजं त्रसदस्यवम्.. (३२) हम सौभरि लोग रक्षा पाने के विचार से हजारों तेजों वाले, शोभनरूप युक्त, भली प्रकार सुशोभित एवं राजर्षि त्रसदस्यु द्वारा स्तुत अग्नि के पास आए हैं. (३२) ebook converter DEMO Watermarks*