ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1257, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंहमारी रक्षा करें. (३) यथा वशन्ति देवास्तथेदसत्तदेषां नकिरा मिनत्. अरावा च न मर्त्यः.. (४) देव जैसा चाहते हैं, वैसा ही होता है, देवों की अभिलाषा को कोई नष्ट नहीं कर सकता. देवों का चाहा हुआ अदाता मनुष्य भी नष्ट नहीं होता. (४) सप्तानां सप्त ऋष्टयः सप्त द्युम्नान्येषाम्. सप्तो अधि श्रियो धिरे.. (५) सात मरुतों के सात तरह के आयुध हैं. इनके सात आभरण हैं एवं ये सात प्रकार की दीप्तियां धारण करते हैं. (५) सूक्त—२९ देवता—विश्वेदेव बभ्रुरेको विषुणः सूनरो युवाञ्ज्यङ्क्ते हिरण्ययम्.. (१) पीले रंग वाले, सर्वत्र गतिशील, रात्रियों के नेता, युवक एवं अकेले सोमदेव सोने के गहने प्रकाशित करते हैं. (१) योनिमेक आ ससाद द्योतनोऽन्तर्देवेषु मेधिरः.. (२) देवों के मध्य सर्वाधिक तेजस्वी, मेधावी, एवं अकेले अग्नि अपना स्थान पाते हैं. (२) वाशीमेको बिभर्ति हस्त आयसींमन्तर्देवेषु निध्रुविः.. (३) देवों के मध्य निश्चल स्थान में वर्तमान त्वष्टा देव हाथ में लोहे की कुल्हाड़ी धारण करते हैं. (३) वज्रमेको बिभर्ति हस्त आहितं तेन वृत्राणि जिघ्नते.. (४) अकेले इंद्र हाथ में पकड़ा हुआ वज्र धारण करते हैं और उससे शत्रुओं का नाश करते हैं. (४) तिग्ममेको बिभर्ति हस्त आयुधं शुचिरुग्रो जलाषभेषजः.. (५) पवित्र, उग्र एवं सुखकर ओषधियों वाले रुद्र एकाकी हैं. वे हाथ में तीखा आयुध धारण करते हैं. (५) पथ एकः पीपाय तस्करो यथाँ एष वेद निधीनाम्.. (६) एकमात्र पूषा मार्ग की रक्षा करते हैं एवं चोर के समान समस्त धन को जानते हैं. (६) ebook converter DEMO Watermarks*