ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1510, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंगिरते हैं, जिस प्रकार ग्वाला पशुओं को पुष्ट बनाने के लिए गोशाला में जाता है. (१) द्विता व्यूर्णवन्नमृतस्य धाम स्वर्विदे भुवनानि प्रथन्त. धियः पिन्वानाः स्वसरे न गाव ऋतायन्तीरभि वावश्र इन्दुम्.. (२) सोम जल धारण करने वाले अंतरिक्ष को अपने तेज से दो भागों में बांटते हुए उनके बीच से जाते हैं. सर्वज्ञ सोम के लिए भुवन विस्तृत हो जाते हैं. दूध देने वाली गाएं जिस प्रकार गोशाला में रंभाती हैं, उसी प्रकार प्रसन्न करने वाली एवं यज्ञ की अभिलाषा करने वाली स्तुतियां यज्ञ में सोम को पुकारती हैं. (२) परि यत्कविः काव्या भरते शूरो न रथो भुवनानि विश्वा. देवेषु यशो मर्ताय भूषन्कक्षाय रायः पुरुभूषु नव्यः.. (३) बुद्धिमान् सोम जब स्तोत्रों की ओर जाते हैं, तब वे शूर के रथ के समान विविध प्रकार का गमन करते हैं. सोम देवों का धन स्तोता को देते हैं. सोम अपने द्वारा दिए गए धन की वृद्धि के लिए अनेक यज्ञशालाओं में स्तुति के विषय बनते हैं. (३) श्रिये जातः श्रिय आ निरियाय श्रियं वयो जरितृभ्यो दधाति. श्रियं वसाना अमृतत्वमायन्भवन्ति सत्या समिथा मितद्रौ.. (४) सोम संपत्ति देने के लिए उत्पन्न होते हैं. सोम धन देने के लिए लताओं से निकलते हैं. सोम स्तोताओं को अन्न एवं आयु देते हैं. सोम से संपत्ति प्राप्त करके स्तोतागण अमर बन गए हैं. सोम के उत्पन्न होने पर युद्ध सफल होते हैं. (४) इषमूर्जमभ्य१र्षाश्वं गामुरु ज्योतिः कृणुहि मत्सि देवान्. विश्वानि हि सुषहा तानि तुभ्यं पवमान बाधसे सोम शत्रून्.. (५) हे सोम! हमें अन्न, ओज, अश्व व गाय दो, हमारे लिए प्रकाश का विस्तार करो एवं देवों को संतुष्ट करो. हे शुद्ध होते हुए सोम! तुम्हारे लिए राक्षस पराजेय हैं. तुम सभी शत्रुओं को नष्ट करो. (५) सूक्त—९५ देवता—पवमान सोम कनिक्रन्ति हरिरा सृज्यमानः सीदन्वनस्य जठरे पुनानः. नृभिर्यतः कृणुते निर्णिजं गा अतो मतीर्जनयत स्वधाभिः.. (१) भली प्रकार निचोड़े जाने वाले एवं हरे रंग के सोम बार-बार शब्द करते हैं तथा छानते हुए द्रोणकलश के भीतर बैठकर शब्द करते हैं. ऋत्विजों द्वारा पकड़े गए सोम गाय के दूध आदि को ढकते हुए अपना आकार प्रकट करते हैं. हे स्तोताओ! ऐसे सोम के लिए हव्यों के ebook converter DEMO Watermarks*