भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1711, कुल 1855 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1711

नीललोहितं भवति कृत्यासक्तिर्व्यज्यते. एधन्ते अस्या ज्ञातयः पतिर्बन्धेषु बध्यते.. (२८) पाप की देवी कृत्या क्रोध से लालपीले रंग की हो रही है. कृत्या को इस स्त्री पर संबद्ध करके छोड़ा जाता है. इसकी जाति के लोग बढ़ रहे हैं एवं इसका पति बंधन में है. (२८) परा देहि शामुल्यं ब्रह्मभ्यो वि भजा वसु. कृत्यैषा पद्द्वती भूत्व्या जाया विशते पतिम्.. (२९) मैला कपड़ा उतार दो. ब्राह्मणों को धन दान करो इस प्रकार कृत्या चली जाती है और पत्नी पति में प्रवेश करती है. (२९) अश्रीरा तनूर्भवति रुशती पापयामुया. पतिर्यद्वध्वो३ वाससा स्वमङ्गमभिधित्सते.. (३०) पति यदि वधू के वस्त्र से अपना शरीर ढकना चाहता है तो पति का तेजस्वी शरीर पापधारिणी कृत्या के कारण श्रीहीन हो जाता है. (३०) ये वध्वश्चन्द्रं वहतुं यक्ष्मा यन्ति जनादनु. पुनस्तान्यज्ञिया देवा नयन्तु यत आगताः.. (३१) वधू को प्राप्त स्वर्णरूप दहेज को वहन करने के लिए जो व्याधियां हमारे विरोधियों के पास से आती हैं. यज्ञभाग को ग्रहण करने वाले देव उन्हें वहीं लौटा दें, जहां से वे आई हैं. (३१) मा विदन्परिपन्थिनो य आसीदन्ति दम्पती. सुगेभिर्दुर्गमतीतामप द्रान्तवरातयः.. (३२) इन पतिपत्नी के समीप जो विघ्नकारी आते हैं, वे समाप्त हो जावें. ये दोनों सुविधाओं के द्वारा असुविधाओं को नष्ट कर दें एवं इनके शत्रु इनसे दूर रहें. (३२) सुमङ्गलीरियं वधूरिमां समेत पश्यत. सौभाग्यमस्यै दत्त्वायाथास्तं वि परेतन.. (३३) यह वधू सौभाग्यशालिनी हो. सब लोग एकत्र होकर इसे देखें. सब लोग इसे सौभाग्य का आशीर्वाद देकर अपने-अपने घर जावें. (३३) तृष्टमेतत्कटुकमेतदपाष्ठवद्विषवन्नैतदत्तवे. सूर्या यो ब्रह्मा विद्यात्स इद्वाधूयमर्हति.. (३४) यह कपड़ा दाहजनक, कठोर, ग्रहण न करने योग्य, मैला और विषयुक्त है. सूर्या को जानने वाला ब्राह्मण ही इस वधूवस्त्र को पाने का अधिकारी है. (३४) ebook converter DEMO Watermarks*

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित) · पृष्ठ 1711, कुल 1855 में से · BharatKosha