ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 24, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें९७. अग्नि की स्तुति १-८ पूजा से पाप नष्ट एवं रक्षा १-६ पालनार्थ याचना ७-८ ९८. अग्नि का वर्णन १-३ प्रातःकाल सूर्य से मिलना १ दिवस रात्रि में शत्रु से बचाव २ यज्ञ सफलता हेतु प्रार्थना ३ ९९. अग्नि का वर्णन १ दुःखों व पापों से पार लगाने की प्रार्थना १ १००. इंद्र का वर्णन १-१९ रक्षक बनने का आग्रह १ सूर्य की चाल पाना असंभव २ मरुद्गण की सहायता से रक्षक बनना ३-१५ मानव सेना को इंद्र के अश्वों द्वारा जानना १६ वृषागिरी के पुत्रों द्वारा इंद्र की स्तुति १७ शत्रुओं, राक्षसों का वध, भूमि, सूर्य व जल का बंटवारा १८ इंद्र पूजन का आग्रह १९ १०१. इंद्र का वर्णन १-११ कृष्ण असुर की पत्नियां, वृत्र, शंबर, पिप्रु, आह्वान, स्वामी १-६ मध्यमा वाणी, उदित होना, सत्यधन, हवि देना, उपजिह्वा खोलने का आग्रह, अन्नपूजन ७-११ १०२. इंद्र की स्तुति १-११ स्तुति, सूर्य व चंद्र का घूमना, रथ, शत्रु-शक्ति, अव्याकुल व जयशील, असीमित ज्ञान, ebook converter DEMO Watermarks*