ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 25, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंस्तुति १-७ संसार वहन में समर्थ, शत्रुनाशक पुत्र मांगना, आह्वान, अकुटिल गति ८-११ १०३. इंद्र का वर्णन १-८ ज्योति मिलन, वृत्रवध, गमन, समूह निर्माता १-४ धन, प्रसन्न होना, शुष्ण, पिप्रु आदि का नाश ५-८ १०४. इंद्र का वर्णन १-९ वहन, समीप जाना, शिफा, अंजसी, कुलिशी, वीरपत्नी नामक नदियां, कुयव असुर गर्भस्थ संतान, श्रद्धा, भोग्य पदार्थ, सोमपान ६-९ १०५. विश्वेदेव का वर्णन १-१९ चंद्रमा, प्रसवपीड़ा, पूर्वपुरुष, देवदूत, तीनों लोकों मे वर्तमान, पापबुद्धि शत्रु, मानसिक कष्ट, सौतें, किरणों की स्तुति १-९ प्रशंसनीय स्तोत्र, भेड़िए को रोकना, नवीन बल, बंधुता, परमज्ञानी, मननीय स्तुति, अतिक्रमण असंभव, त्रित, लाल वृक, अनुग्रह १०-१९ १०६. विश्वेदेव का वर्णन १-७ मार्ग, शोभनदानयुक्त देव, यज्ञवर्धक द्यावा-पृथ्वी, रक्षार्थ प्रार्थना, अन्न याचना १-४ शक्ति, वृत्रहंता, जागरूक ५-७ १०७. विश्वेदेव का वर्णन १-३ अनुग्रह याचना, स्तुत देव, रक्षार्थ प्रार्थना १-३ १०८. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-१३ रथ, परिमाण, संयोजन, कुश फैलाना, मित्रता, श्रद्धा, आग्रह, यदु, तुर्वश, अनु आदि के बीच स्थित होना, धरती-आकाश १-९ कामवर्षक, सोमपान, प्रसन्न होना, आदर १०-१३ १०९. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-८ स्तुति, जामाता, कन्यालाभ, परंपरा, हथेलियां १-४ ebook converter DEMO Watermarks*