ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 26, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंबलप्रदर्शन, महान्, ब्रह्मलोक, असुरनाशक ५-८ ११०. ऋभुगण की स्तुति १-९ स्तोत्र, घर जाना, साधन, अमरता, अधिकार १-९ १११. ऋभुगण का वर्णन १-५ हरि नामक दो घोड़े बनाना, निवास, अन्नपूजन, आह्वान, विजयी बाज १-५ ११२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-२५ शंख बजाना, ज्ञानियों की रक्षा, शासन, व्यापक, रेभ व वंदन ऋषि, कण्व, भुज्यु, कर्कंधु, वय्य, पृश्निगु, पुरूकूत्स, ऋजाश्व, श्रोण, वसिष्ठ, कुत्स, श्रुतर्य, नर्य विपश्चला, वश ऋषि १-१० दीर्घश्रवा, कक्षीवान्, त्रिशोक, मांधाता, भरद्वाज, दिवोदास, पृथि, शंयु, अत्रि, ऋषि पठर्वा, स्तोत्र, विमद, अधिगु व ऋतुस्तुभ ११-२० कृशानु, पुरुकुत्स, मधु देना, घोड़े, कुत्स, तुर्वीति आदि, आह्वान, स्तुति २१-२५ ११३. उषा एवं रात्रि का वर्णन १-२० उत्पत्ति स्थान, विचरण, एक मार्ग, नेत्री, भुवनों का प्रकाशन, अभीष्ट, अधीश्वरी, चेतन बनाना, कल्याण, अनुकरण १-१० देखना, द्वेषियों को हटाने वाली, तेज से विचरना, लाल रथ से आना, तेज से बढ़ना, अन्न बढ़ाना, धनस्वामिनी उषा, अश्व देने वाली, स्तोत्र की प्रशंसा, कल्याणकारी ११-२० ११४. रुद्र की स्तुति १-११ स्तुतियां, मनु, सुख इच्छा, कृपादृष्टि, दृढ़ांग, स्तुति वचन बोलना १-६ शरीर का नाश, बुलाना, रक्षार्थ प्रार्थना, हनन का साधन दूर रखने व स्तुति के आदर हेतु आग्रह ७-११ ११५. सूर्य का वर्णन १-६ जंगम-स्थावर, स्तुति, परिभ्रमण, अंधकार फैलाना, अंधेरा धारण करना, पाप से बचाने की प्रार्थना १-६ ११६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-२५ ebook converter DEMO Watermarks*