ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 27, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंकिशोर विमद, विजय, तुग्र, भुज्यु, रथ, सागर, पेदु, कक्षीवान्, कारोतर पात्र, अग्नि बुझाना, यंत्रपीडागृह, गौतम, च्यवन, वंदन, दध्यंग ऋषि, बुलाना, वध्रिमती, हिरण्यहस्त, १-१३ वर्तिका, विश्पला, ऋजाश्व, कांति पाना, स्तुति, यज्ञ के भागों का अर्पण लौहरथ १४-२० शत्रुवध, जल उठाना, स्तुति, रेभ, कर्मों का वर्णन २१-२५ ११७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-२५ सेवा, घर जाना, पूजित, रेभ, वंदन, प्रतिज्ञा, घोषा, नृषदपुत्र, पेदु, वीरकार्य १-१० भरद्वाज, कामवर्षक, च्यवन, तुग्र, भुज्यु, विश्वाच, ऋजाश्व, मेष को काटना, आह्वान, दुधारू बनाना, माहात्म्य, घोड़े का सिर, अनुग्रह बुद्धि, जीवनदान, वीर कर्मों का बखान ११-२५ ११८. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-११ रथ, पुत्रादि, दरिद्रतानाशक, तेज गति वाले, सूर्यकन्या, वंदन ऋषि, गाय, च्यवन, अत्रि, वर्तिका, विश्पला १-८ पेदु, आह्वान ९-११ ११९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१० रथ, ऊर्जानी, जयशील, भुज्यु, दिवोदास १-४ कुमारी का पति, अत्रि, शंयु, वंदन ऋषि, युवा बनाना, कामदेव, कामना, दधीचि, पेदु ५-१० १२०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१२ मार्ग, स्तोत्र, वषट्कार, बुद्धि, कक्षीवान्, ऋजाश्व, वृक, अगम्य स्थान १-८ पोषण, अश्वरहित रथ, सोमपान, घृणा ९-१२ १२१. इंद्र का वर्णन १-१५ यज्ञ में आना, गाएं निकालना, आकाश धारण, दिवस का प्रकाशन, सोमपान १-८ ऋभु, शुष्ण, मेघ, वृत्र, उशना, एतश, पाप, वृद्धि ९-१५ ebook converter DEMO Watermarks*