ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 308, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंशास्त्रज्ञाता तथा पिता का नाम प्रसिद्ध करने वाला पुत्र देते हैं. (२०) अषाळ्हं युत्सु पृतनासु पप्रिं स्वर्षामप्सां वृजनस्य गोपाम्. भरेषुजां सुक्षितिं सुश्रवसं जयन्तं त्वामनु मदेम सोम.. (२१) हे सोम! हम युद्ध में नित्य विजयी, सेनाओं को विजयी बनाने वाले, स्वर्ग के दाता, जलवर्षक, बल के रक्षक, यज्ञ में प्रादुर्भूत, सुंदर निवास वाले, उत्तम यश वाले एवं शत्रुपराभवकारी तुम्हें लक्ष्य करके प्रसन्न हों. (२१) त्वमिमा ओषधीः सोम विश्वास्त्वमपो अजनयस्त्वं गाः. त्वमा ततन्थोर्व१न्तरिक्षं त्वं ज्योतिषा वि तमो ववर्थ.. (२२) हे सोम! तुमने धरती पर वर्तमान समस्त ओषधियां, वर्षा का जल एवं गाएं बनाई हैं. तुमने विस्तीर्ण आकाश को फैलाया एवं प्रकाश द्वारा उसका अंधकार मिटाया है. (२२) देवेन नो मनसा देव सोम रायो भागं सहसावन्नभि युध्य. मा त्वा तनदीशिशे वीर्यस्योभयेभ्यः प्र चिकित्सा गविष्टौ.. (२३) हे बलवान् सोमदेव! हमारे धन का अपहरण करने वाले शत्रुओं से युद्ध करो. कोई भी शत्रु तुम्हें नष्ट न करे. युद्धरत दोनों पक्षों के बल के स्वामी तुम्हीं हो. युद्ध में हमारे उपद्रवों का नाश करो. (२३) सूक्त—९२ देवता—उषा एवं अश्विनीकुमार एता उ त्या उषसः केतुमक्रत पूर्वे अर्धे रजसो भानुमञ्जते. निष्कृण्वाना आयुधानीव धृष्णवः प्रति गावोऽरुषीर्यन्ति मातरः.. (१) उषाओं ने अंधकार से ढके संसार का ज्ञान कराने वाला प्रकाश किया है. ये आकाश के पूर्व भाग में सूर्य का प्रकाश करती हैं. जैसे आक्रमणशील योद्धा अपने आयुधों का संस्कार करते हैं, उसी प्रकार गतिशील, चमकीली एवं सूर्यप्रकाश का निर्माण करने वाली उषाएं अपने प्रकाश से संसार का सुधार करती हुई प्रतिदिन आती हैं. (१) उदपप्तन्नरुणा भानवो वृथा स्वायुजो अरुषीर्गा अयुक्त. अक्रन्नुषासो वयुनानि पूर्वथा रुशन्तं भानुमरुषीरशिश्रयुः.. (२) चमकती हुई सूर्यरश्मियां अनायास उदित हुईं. उषाओं ने रथ में जोतने योग्य शुभ्र किरणों को रथ में जोता एवं पूर्वकाल के समान समस्त प्राणियों को ज्ञानशील बनाया. इसके पश्चात् चमकीली उषाओं ने शुभ्र वर्ण वाले सूर्य का आश्रय लिया. (२) अर्चन्ति नारीरपसो न विष्टिभिः समानेन योजनेना परावतः. ebook converter DEMO Watermarks*