ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 364, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंहै. (१) त्रिवन्धुरेण त्रिवृता रथेन त्रिचक्रेण सुवृता यातमर्वाक्. पिन्वतं गा जिन्वत मर्वतो नो वर्धयतमश्विना वीरमस्मे.. (२) हे अश्विनीकुमारो! तुम अपने त्रिबंधुर, तीन पहियों वाले, तीन लोकों में चलने वाले एवं शोभन गति वाले रथ द्वारा हमारे समीप आओ. हमारी गायों को दुधारू, हमारे घोड़ों को प्रसन्न एवं हमारे पुत्रादि को वृद्धियुक्त करो. (२) प्रवद्यामना सुवृता रथेन दस्राविमं शृणुतं श्लोकमद्रेः. किमङ्ग वां प्रत्यवर्तिं गमिष्ठाहुर्विप्रासो अश्विना पुराजाः.. (३) हे दर्शनीय अश्विनीकुमारो! अपने शीघ्रगामी एवं शोभन आकृति वाले रथ द्वारा आकर आदर करने वाले स्तोता की वाणी सुनो. क्या भूतकाल में उत्पन्न मेधावियों ने तुम्हें स्तोताओं की दरिद्रता मिटाने के लिए जाने वाला नहीं कहा था. (३) आ वां श्येनासो अश्विना वहन्तु रथे युक्तास आशवः पतङ्गाः. ये अप्तुरो दिव्यासो न गृध्रा अभि प्रयो नासत्या वहन्ति.. (४) हे अश्विनीकुमारो! रथ में जुड़े हुए सर्वत्र गतिशील, उछलने में समर्थ एवं प्रशंसनीय गमन वाले घोड़े तुम्हें लावें. हे सत्यस्वरूपो! जल के समान अथवा आकाशचारी गृध्र पक्षी के समान शीघ्र गति वाले घोड़े तुम्हें हव्य अन्न के सामने लाते हैं. (४) आ वां रथं युवतिस्तिष्ठदत्र जुष्ट्वी नरा दुहिता सूर्यस्य. परि वामश्वा वपुषः पतङ्गा वयो वहन्त्वरुषा अभीके.. (५) हे नेताओ! सूर्य की युवती कन्या प्रसन्न होकर तुम्हारे रथ पर चढ़ी थी. तुम्हारे सुंदर, उछलने में समर्थ, गतिशील एवं तेजस्वी घोड़े तुम्हें तुम्हारे घर के पास ले जावें. (५) उद्वन्दनमैरतं दंसनाभिरुद्रेभं दस्रा वृषणा शचीभिः. निष्टौग्र्यं पारयथः समुद्रात्पुनश्च्यवानं चक्रथुर्युवानम्.. (६) हे दर्शनीय एवं कामवर्षको! तुमने वंदन ऋषि को कुएं से निकाला था. तुग्र के पुत्र भुज्यु को सागर से पार किया तथा च्यवन ऋषि को दोबारा युवक बनाया. (६) युवमत्रयेऽवनीताय तप्तमूर्जमोमानमश्विनावधत्तम्. युवं कणवायापिरिप्ताय चक्षुः प्रत्यधत्तं सुष्टुतिं जुजुषाणा.. (७) हे अश्विनीकुमारो! तुमने शतद्वार पीड़ागृह में बंद अत्रि को बचाने के लिए अग्नि को बुझाया एवं उन्हें सुखकारी अन्न दिया. तुमने शोभन स्तुति स्वीकार करके अंधेरे में पड़े कण्व ebook converter DEMO Watermarks*