ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 530, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंगणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम्. ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम्.. (१) हे ब्रह्मणस्पति! तुम देव-समूह में गणपति, कवियों में अप्रतिम कवि, प्रशंसनीय लोगों में सर्वोच्च एवं मंत्रों के स्वामी हो. हम तुम्हारा आह्वान करते हैं. तुम हमारी स्तुतियां सुनते हुए यज्ञशाला में बैठो और हमारी रक्षा करो. (१) देवाश्चित्ते असुर्य प्रचेतसो बृहस्पते यज्ञियं भागमानशुः. उस्राइव सूर्यो ज्योतिषा महो विश्वेषामिज्जनिता ब्रह्मणामसि.. (२) हे असुरनाशक एवं उत्तम ज्ञानसंपन्न बृहस्पति! तुम्हारा यज्ञसंबंधी भाग देवों ने पाया है. तेज के कारण पूज्य सूर्य जिस प्रकार किरणें उत्पन्न करता है, उसी प्रकार तुम मंत्रों के जन्मदाता हो. (२) आ विबाध्या परिरापस्तमांसि च ज्योतिष्मन्तं रथमृतस्य तिष्ठसि. बृहस्पते भीमममित्रदम्भनं रक्षोहणं गोत्रभिदं स्वर्विदम्.. (३) हे बृहस्पति! तुम चारों ओर के निंदकों और अंधकार को समाप्त करके प्रकाशयुक्त, यज्ञ प्राप्त कराने वाले, भयानक शत्रुओं का नाश करने वाले, राक्षसों के हंता, मेघ को भिन्न करने वाले एवं स्वर्ग प्राप्त कराने वाले रथ में बैठते हो. (३) सुनीतिभिर्नयसि त्रायसे जनं यस्तुभ्यं दाशान्न तमंहो अश्नवत्. ब्रह्मद्विषस्तपनो मन्युमीरसि बृहस्पते महि तत्ते महित्वनम्.. (४) हे बृहस्पति! जो तुम्हें हव्य अन्न देता है, उसे तुम न्यायपूर्ण मार्ग से ले जाकर पाप से बचाते हो. तुम्हारा यही महत्त्व है कि तुम यज्ञ का विरोध करने वाले को कष्ट देते एवं शत्रुओं की हिंसा करते हो. (४) न तमंहो न दुरितं कुतश्चन नारातयस्तितिरुर्न द्वयाविनः. विश्वा इदस्मादध्वरसो वि बाधसे यं सुगोपा रक्षसि ब्रह्मणस्पते.. (५) हे ब्रह्मणस्पति! तुम जिसकी रक्षा करते हो, उसे कोई पाप या दुःख बाधा नहीं पहुंचा सकता. हिंसक एवं ठग भी उसे दुःखी नहीं कर सकते. उसे नष्ट करने वाली सभी सेनाओं को तुम रोकते हो. (५) त्वं नो गोपाः पथिकृद्विचक्षणस्तव व्रताय मतिभिर्जरामहे. बृहस्पते यो नो अभि ह्वरो दधे स्वां तं मर्मर्तु दुच्छुना हरस्वती.. (६) हे बृहस्पति! तुम हमारे रक्षक, सच्चा मार्ग बताने वाले एवं कुशल हो. हम तुम्हारा यज्ञ पूर्ण करने के लिए स्तोत्रों द्वारा तुम्हारी प्रार्थना करते हैं. जो व्यक्ति हमारे प्रति कुटिलता ebook converter DEMO Watermarks*