भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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पृष्ठ 615

शृण्वन्तमुग्रमूतये समत्सु घ्नन्तं वृत्राणि सञ्जितं धनानाम्.. (२२) धन प्राप्ति वाले संग्राम में उत्साहपूर्ण, धनवान्, सकल विश्व के नेता, स्तुतियां सुनने वाले, शत्रुओं को भयंकर, युद्धों में राक्षसविनाशकारी एवं शत्रुओं के धन के विजेता इंद्र को हम रक्षा के लिए बुलाते हैं. (२२) सूक्त—३१ देवता—इंद्र शासद्वह्निर्दुहितुर्नप्त्यं गाद्विद्वाँ ऋतस्य दीधितिं सपर्यन्. पिता यत्र दुहितुः सेकमृञ्जन्त्सं शग्म्येन मनसा दधन्वे.. (१) बिना पुत्र वाला पिता यह जानता हुआ कि इस कन्या का पुत्र मेरा पुत्र होगा, पुत्र उत्पन्न करने में समर्थ दामाद की सेवा करता हुआ शास्त्र के अनुसार उसके पास गया. ऐसी कन्या का पति उस में सुख का ध्यान करता हुआ वीर्याधान करता है, पुत्र उत्पन्न करने के लिए नहीं. (१) न जामये तान्वो रिक्थमारैक्चकार गर्भं सनितुर्निधानम्. यदी मातरो जनयन्त वह्निमन्यः कर्ता सुकृतोरन्य ऋन्धन्.. (२) औरस पुत्र अपनी बहिन को धन नहीं देता, वह उसका विवाह करके उसे केवल पति का गर्भ धारण का अधिकार देता है. यदि माता-पिता पुत्र एवं पुत्री दोनों को उत्पन्न करते हैं, तो इनमें से पुत्र पिंडदान का उत्तम कर्म करता है तथा कन्या केवल वस्त्रालंकार से आदर पाती है. (२) अग्निर्जज्ञे जुह्वा३ रेजमानो महस्पुत्राँ अरुषस्य प्रयक्षे. महान्गर्भो मह्या जातमेषां मही प्रवृद्धैर्यश्वस्य यज्ञैः.. (३) हे तेजस्वी इंद्र! ज्वालाओं के द्वारा कांपती हुई अग्नि ने तुम्हारे यज्ञ के लिए बहुत से किरणरूपी पुत्र उत्पन्न किए हैं. इन रश्मियों का गर्भ एवं उत्पन्न संतान महान् है. हे हरि नामक घोड़ों वाले इंद्र! तुमसे संबंधित सोम की आहुतियों के कारण इन रश्मियों की प्रवृत्ति महान् है. (३) अभि जैत्रीरसचन्त स्पृधानं महि ज्योतिस्तमसो निरजानन्. तं जानतीः प्रत्युदायन्नुषासः पतिर्गवामभवदेक इन्द्रः.. (४) विजयी मरुद्गण वृत्र के साथ युद्ध करते हुए इंद्र के साथ मिल गए थे. वृत्र के मरने पर मरुतों ने उससे निकलने वाली सूर्य नामक महान् ज्योति को जाना. वृत्रहंता इंद्र को सूर्य जानती हुई उषाएं उसके समीप गईं. इस प्रकार इंद्र अकेले ही सारी किरणों के पति हुए. (४)