ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 657, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसख ऋभुभिः पुरुहूत प्रियेभिरिमां धियं सातये तक्षता नः.. (१७) हे मेधावी देवो! जिस कर्म से तुमने इंद्रलोक में देवत्व प्राप्त किया है, तुम्हारे वे कर्म महान् हैं. हे बहुतों द्वारा बुलाए गए एवं ऋभुओं के साथी इंद्र! हमारी यह स्तुति धन प्राप्त करने के लिए स्वीकार करो. (१७) अर्यमा णो अदितैर्यज्ञियासोऽदब्धानि वरुणस्य व्रतानि. युयोत नो अनपत्यानि गन्तोः प्रजावान्नः पशुमाँ अस्तु गातुः.. (१८) सूर्य, अदिति, यज्ञ के योग्य देवगण एवं हिंसारहित कर्म वाले वरुण हमारी रक्षा करें. तुम सब हमारे मार्ग के पतनकारक कर्मों को दूर करो. हमारा घर पशु तथा संतान से पूर्ण हो. (१८) देवानां दूतः पुरुध प्रसूतोऽनागान्नो वोचतु सर्वताता. शृणोतु नः पृथिवी द्यौरुतापः सूर्यो नक्षत्रैरुर्व१न्तरिक्षम्.. (१९) अनेक स्थानों में देवों के दूत रूप में प्रसिद्ध अग्नि हमें सभी जगह निरपराध घोषित करें. धरती, आकाश, जल, सूर्य एवं नक्षत्रों से भरा हुआ विशाल आकाश हमारी स्तुति सुने. (१९) शृण्वन्तु नो वृषणः पर्वतासो ध्रुवक्षेमास इळया मदन्तः. आदित्यैर्नो अदितिः शृणोतु यच्छन्तु नो मरुतः शर्म भद्रम्.. (२०) अभिलषित फल देने वाले मरुद्गण एवं याचकों की अभिलाषा पूरी करने वाले स्थिर पर्वत हव्य से प्रसन्न होते हुए हमारी स्तुति सुनें. अदिति अपने पुत्रों के साथ हमारी स्तुति सुनें एवं मरुद्गण हमें कल्याणकारी सुख दें. (२०) सदा सुगः पितुमाँ अस्तु पन्था मध्वा देवा ओषधीः सं पिपृक्त. भगो मे अग्ने सख्ये न मृध्या उद्गायो अश्यां सदनं पुरुक्षोः.. (२१) हे अग्नि! हमारा मार्ग सुगम एवं अन्न से पूर्ण हो. हे देवगण! मधुर जल से ओषधियों को सींचो. हे अग्नि! तुम्हारी मित्रता प्राप्त करके हमारा धन नष्ट न हो. हम धन एवं प्रभूत अन्न का स्थान प्राप्त करें. (२१) स्वदस्व हव्या समिषो दिदीह्यस्मद्र्य१क्सं मिमीहि श्रवांसि. विश्वाँ अग्ने पृत्सु ताञ्जेषि शत्रूनहा विश्वा सुमना दीदिही नः.. (२२) हे अग्नि! हव्य का स्वाद लो, हमारे अन्न को भली प्रकार प्रकाशित करो एवं उन दीप्ति अन्नों को हमारे सामने लाओ. संग्राम में उन समस्त शत्रुओं को जीतो एवं प्रसन्न मन से हमारे सभी दिनों को प्रकाशित बनाओ. (२२) ebook converter DEMO Watermarks*