भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

पृष्ठ 104, कुल 128 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 104

104

साहिब बन्दगी

गठिया होने पर

▣ नीम के तेल की मालिश करें।

मासिक धर्म में रुकावट होने पर

▣ 20 ग्राम नीम की छाल, 5-5 ग्राम सोंठ और गुड़ लेकर काढ़ा बनाकर पिएँ। यह लाभकारी है।

उल्टियाँ होने पर

▣ 20 ग्राम नीम के पत्ते पीसकर 100 ग्राम पानी में मिलाकर अच्छी तरह से छान लें। यह पानी रोगी को दें।

लौंग से रोगों का निदान

एसीडिटी होने पर

▣ चार लौंग, 10 ग्राम आँवला रस और एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार पिएँ।

गैस होने पर

▣ एक कप पानी में तीन लौंग डालकर उबालें और ठण्डा करके पी लें। यह प्रयोग दिन में दो बार करें।

ज्वर होने पर

▣ लौंग को पीसकर फाँक लें और गुनगुना पानी पी लें। दिन में 3-4 बार कर लें।

सिर दर्द होने पर

▣ लौंग को अच्छी तरह पीसकर लेप बना लें। यह लेप सिर दर्द में बड़ा ही लाभकारी है।

अमरूद से रोगों का निदान

पुराना जुकाम होने पर

▣ 2-3 दिन केवल अमरूद का सेवन करें।